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बचपन लेखनी प्रतियोगिता -10-Mar-2023

हमारा बचपन बहुत ही खूबसुरत था साहब,
यकीन ना हो तो आओ कुछ्पल मिलकर सैर करें!!!!

हमारे बचपन में कोई पब्जी नहीं था साहब,
हम तो अक्कड़ बक्कड़ और सितोलिया खेलते थे।
हमारे बचपन में कोई मोबाइल नहीं था साहब,
हम तो टीवी पर शक्तिमान और रामायण देखते थे।
हमारे बचपन में कोई पिज्जा बर्गर नहीं थे साहब,
हम तो खीर पुरी ही बड़े चाव से खाया करते थे।
हमारे बचपन में कोई गूगल बाबा नहीं था साहब,
हम तो हर कोई शंका दादा दादी से ही दूर करते थे।
हमारे बचपन में कोई व्हाट्सएप फेसबुक नहीं थे साहब,
हम तो हर दिन खेलने के लिए सभी दोस्त इकट्ठे होते थे।
हमारे बचपन में कोई इम्युनिटी हाइजिनिटी नहीं थी साहब,
हम तो मिट्टी  में ही लोटकर  वहीं  सो जाया करते थे।
हमारे बचपन में कोई यूट्यूब होट्स्टार भी नहीं था साहब,
हम तो गानों के लिये भी चित्रहार का इन्तजार करते थे।
हमारे बचपन में इतना कोई तनाव नहीं था साहब,
हम तो हरदम बेफिक्री में खिल खिलाया करते थे।


हमारे बचपन में कल की कोई फिक्र नहीं थी साहब,
हम तो आज को ही खुलकर जी लिया करते थे!!!

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6 Comments

Gunjan Kamal

12-Mar-2023 09:49 AM

सुंदर

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बहुत खूब

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Abhinav ji

11-Mar-2023 08:04 AM

Very nice 👌

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